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सुनन नसाई

नंबर 1199

नंबर 1199किताब 13, नंबर 21
أَخْبَرَنَا هِلاَلُ بْنُ الْعَلاَءِ بْنِ هِلاَلٍ، قَالَ حَدَّثَنَا الْمُعَافَى بْنُ سُلَيْمَانَ، قَالَ حَدَّثَنَا الْقَاسِمُ، - وَهُوَ ابْنُ مَعْنٍ - عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ عُمَارَةَ، عَنْ أَبِي عَطِيَّةَ، قَالَ قَالَتْ عَائِشَةُ إِنَّ الاِلْتِفَاتَ فِي الصَّلاَةِ اخْتِلاَسٌ يَخْتَلِسُهُ الشَّيْطَانُ مِنَ الصَّلاَةِ ‏.‏
It was narrated that Abu 'Atiyyah said:"Aishah said: 'Turning around during prayer is something that the Shaitan snatches from one's prayer
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih MuqufAbu Ghuddah
  • Sahih MuqufAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book of Forgetfulness (In Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।