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सुनन नसाई

नंबर 1193

नंबर 1193किताब 13, नंबर 15
أَخْبَرَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ، وَشُعَيْبُ بْنُ يُوسُفَ، عَنْ يَحْيَى، - وَهُوَ ابْنُ سَعِيدٍ الْقَطَّانُ - عَنِ ابْنِ أَبِي عَرُوبَةَ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏"‏ مَا بَالُ أَقْوَامٍ يَرْفَعُونَ أَبْصَارَهُمْ إِلَى السَّمَاءِ فِي صَلاَتِهِمْ ‏"‏ ‏.‏ فَاشْتَدَّ قَوْلُهُ فِي ذَلِكَ حَتَّى قَالَ ‏"‏ لَيَنْتَهُنَّ عَنْ ذَلِكَ أَوْ لَتُخْطَفَنَّ أَبْصَارُهُمْ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Anas bin Malik that:The Messenger of Allah (ﷺ) said: "What is the matter with people who lift their gaze to the sky when praying?" And he spoke sternly concerning that until he said: "They must stop that or they will certainly lose their eyesight
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book of Forgetfulness (In Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।