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सुनन नसाई

नंबर 1180

नंबर 1180किताब 13, नंबर 2
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا غَيْلاَنُ بْنُ جَرِيرٍ، عَنْ مُطَرِّفِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ صَلَّى عَلِيُّ بْنُ أَبِي طَالِبٍ فَكَانَ يُكَبِّرُ فِي كُلِّ خَفْضٍ وَرَفْعٍ يُتِمُّ التَّكْبِيرَ ‏.‏ فَقَالَ عِمْرَانُ بْنُ حُصَيْنٍ لَقَدْ ذَكَّرَنِي هَذَا صَلاَةَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
It was narrated that Mutarrif bin 'Abdullah said:"Ali bin Abi Talib prayed, and he said the takbir every time he went down and came up, in all movements of the prayer. 'Imran bin Husain said: 'This reminds me of the prayer of the Messenger of Allah (ﷺ)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book of Forgetfulness (In Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।