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सुनन नसाई

नंबर 1165

नंबर 1165किताब 12, नंबर 137
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى، - وَهُوَ ابْنُ آدَمَ - قَالَ سَمِعْتُ سُفْيَانَ، يَتَشَهَّدُ بِهَذَا فِي الْمَكْتُوبَةِ وَالتَّطَوُّعِ وَيَقُولُ حَدَّثَنَا أَبُو إِسْحَاقَ عَنْ أَبِي الأَحْوَصِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم ح وَحَدَّثَنَا مَنْصُورٌ وَحَمَّادٌ عَنْ أَبِي وَائِلٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
Yahya-Ibn Adam- said:"I heard Sufyan reciting this tashahhud in the obligatory and voluntary prayers, and he said: 'Abu Ishaq narrated to us from Abu Al-Ahwas from Abdullah, from the Prophet (ﷺ).'" And Mansur and Hammad narrated to us from Abu Wa'il, from Abdullah, from the Prophet (ﷺ)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Book of The At-Tatbiq (Clasping One's Hands Together)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।