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सुनन नसाई

नंबर 1134

नंबर 1134किताब 12, नंबर 106
أَخْبَرَنَا بُنْدَارٌ، مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ الْقَطَّانُ، وَابْنُ أَبِي عَدِيٍّ، عَنْ شُعْبَةَ، قَالاَ حَدَّثَنَا سَعِيدٌ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ مُطَرِّفٍ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ فِي رُكُوعِهِ وَسُجُودِهِ ‏ "‏ سُبُّوحٌ قُدُّوسٌ رَبُّ الْمَلاَئِكَةِ وَالرُّوحِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that 'Aishah said:"The Messenger of Allah (ﷺ) said when bowing and prostrating: 'Subbuhun Quddusun Rabbul-mala'ikati war'ruh (Perfect, Most Holy, Lord of the Angels and the Spirit)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Book of The At-Tatbiq (Clasping One's Hands Together)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।