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सुनन नसाई

नंबर 1125

नंबर 1125किताब 12, नंबर 97
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدٌ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ مَنْصُورٍ، عَنْ هِلاَلِ بْنِ يِسَافٍ، عَنْ عَائِشَةَ، - رضى الله عنها - قَالَتْ فَقَدْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَظَنَنْتُ أَنَّهُ أَتَى بَعْضَ جَوَارِيهِ فَطَلَبْتُهُ فَإِذَا هُوَ سَاجِدٌ يَقُولُ ‏ "‏ رَبِّ اغْفِرْ لِي مَا أَسْرَرْتُ وَمَا أَعْلَنْتُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Aishah said:"I noticed that the Messenger of Allah (ﷺ) was missing and I thought he had gone to visit one of his concubines, so I looked for him and found him prostrating and saying: 'Rabbighfirli ma asrartu wa ma a'lant (O Allah, forgive me for what (sin) I have concealed and what I have done openly
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Book of The At-Tatbiq (Clasping One's Hands Together)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।