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सुनन नसाई

नंबर 1119

नंबर 1119किताब 12, नंबर 91
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَمْرِو بْنِ السَّرْحِ، قَالَ أَنْبَأَنَا ابْنُ وَهْبٍ، عَنْ يُونُسَ، ح وَالْحَارِثُ بْنُ مِسْكِينٍ قِرَاءَةً عَلَيْهِ وَأَنَا أَسْمَعُ، عَنِ ابْنِ وَهْبٍ، عَنْ يُونُسَ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي إِبْرَاهِيمُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، أَنَّ أَبَاهُ، حَدَّثَهُ أَنَّهُ، سَمِعَ عَلِيًّا، قَالَ نَهَانِي رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَنْ أَقْرَأَ رَاكِعًا أَوْ سَاجِدًا ‏.‏
Ali said:"The Messenger of Allah (ﷺ) forbade me from reciting the Quran when bowing or prostrating
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Book of The At-Tatbiq (Clasping One's Hands Together)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।