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सुनन नसाई

नंबर 1115

नंबर 1115किताब 12, नंबर 87
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مَنْصُورٍ الْمَكِّيُّ، عَنْ سُفْيَانَ، عَنْ عَمْرٍو، عَنْ طَاوُسٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ أُمِرَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم أَنْ يَسْجُدَ عَلَى سَبْعَةِ أَعْظُمٍ وَنُهِيَ أَنْ يَكُفَّ الشَّعْرَ وَالثِّيَابَ ‏.‏
It was narrated that Ibn 'Abbas said:"The Prophet (ﷺ) was commanded to prostrate on seven bones and was forbidden to tuck up his hair and garment
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Book of The At-Tatbiq (Clasping One's Hands Together)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।