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सुनन नसाई

नंबर 1113

नंबर 1113किताब 12, नंबर 85
أَخْبَرَنَا حُمَيْدُ بْنُ مَسْعَدَةَ الْبَصْرِيُّ، عَنْ يَزِيدَ، - وَهُوَ ابْنُ زُرَيْعٍ - قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، وَرَوْحٌ، - يَعْنِي ابْنَ الْقَاسِمِ - عَنْ عَمْرِو بْنِ دِينَارٍ، عَنْ طَاوُسٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ أُمِرْتُ أَنْ أَسْجُدَ عَلَى سَبْعَةٍ وَلاَ أَكُفَّ شَعْرًا وَلاَ ثَوْبًا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Ibn 'Abbas that :The Messenger of Allah (ﷺ) said: "I have been commanded to prostrate on seven and not to tuck up my hair or garment
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Book of The At-Tatbiq (Clasping One's Hands Together)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।