सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 1046

नंबर 1046किताब 12, नंबर 18
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ أَنْبَأَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ سَعْدِ بْنِ عُبَيْدَةَ، عَنِ الْمُسْتَوْرِدِ بْنِ الأَحْنَفِ، عَنْ صِلَةَ بْنِ زُفَرَ، عَنْ حُذَيْفَةَ، قَالَ صَلَّيْتُ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَرَكَعَ فَقَالَ فِي رُكُوعِهِ ‏"‏ سُبْحَانَ رَبِّيَ الْعَظِيمِ ‏"‏ ‏.‏ وَفِي سُجُودِهِ ‏"‏ سُبْحَانَ رَبِّيَ الأَعْلَى ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Hudhaifah said:"I prayed with the Messenger of Allah (ﷺ), and he bowed and said when bowing: 'Subhana Rabbial-azim (Glory be to my Lord Almighty).' And when prostrating: 'Subhana Rabbial-'Ala (Glory be to my Lord Most High)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Book of The At-Tatbiq (Clasping One's Hands Together)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।