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सुनन नसाई

नंबर 1044

नंबर 1044किताब 12, नंबर 16
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، عَنْ مَالِكٍ، عَنْ نَافِعٍ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ حُنَيْنٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَلِيٍّ، قَالَ نَهَانِي رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنْ لُبْسِ الْقَسِّيِّ وَالْمُعَصْفَرِ وَعَنْ تَخَتُّمِ الذَّهَبِ وَعَنِ الْقِرَاءَةِ فِي الرُّكُوعِ ‏.‏
It was narrated that Ali said:"The Messenger of Allah (ﷺ) forbade me from wearing Al-Qassi, and clothes dyed from safflower, and from wearing gold rings, and from reciting Qura'n while bowing
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Book of The At-Tatbiq (Clasping One's Hands Together)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।