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सुनन नसाई

नंबर 988

नंबर 988किताब 11, नंबर 113
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ يَزِيدَ الْمُقْرِئُ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبِي قَالَ، حَدَّثَنَا حَيْوَةُ، وَذَكَرَ، آخَرَ قَالاَ حَدَّثَنَا جَعْفَرُ بْنُ رَبِيعَةَ، أَنَّ عَبْدَ الرَّحْمَنِ بْنَ هُرْمُزَ، حَدَّثَهُ أَنَّ مُعَاوِيَةَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ جَعْفَرٍ حَدَّثَهُ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُتْبَةَ بْنِ مَسْعُودٍ حَدَّثَهُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَرَأَ فِي صَلاَةِ الْمَغْرِبِ بِـ ‏{‏ حم ‏}‏ الدُّخَانِ ‏.‏
Mu'awiyah bin Abdullah bin Ja'far narrated that Abdullah bin 'Utbah bin Mas'ud told him that:The Messenger of Allah (ﷺ) recited 'Ha- Mim Ad-Dukhan' in Maghrib
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Daif IsnaadAbu Ghuddah
  • Daif IsnaadAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of the Commencement of the Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।