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सुनन नसाई

नंबर 973

नंबर 973किताब 11, नंबर 98
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عُثْمَانَ، قَالَ حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ عَبْدِ الْعَزِيزِ، عَنْ عَطِيَّةَ بْنِ قَيْسٍ، عَنْ قَزَعَةَ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، قَالَ لَقَدْ كَانَتْ صَلاَةُ الظُّهْرِ تُقَامُ فَيَذْهَبُ الذَّاهِبُ إِلَى الْبَقِيعِ فَيَقْضِي حَاجَتَهُ ثُمَّ يَتَوَضَّأُ ثُمَّ يَجِئُ وَرَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِي الرَّكْعَةِ الأُولَى يُطَوِّلُهَا ‏.‏
It was narrated that Abu Sa'eed Al-Khudri said:"The Iqamah for Zuhr prayer would be said, and a person could go to the Al-Baqi', relieve himself, perform wudhu, and come (to the masjid), and the Messenger of Allah (ﷺ) would still be in the first rak'ah, making it lengthy
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of the Commencement of the Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।