सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 957

नंबर 957किताब 11, नंबर 82
أَخْبَرَنِي إِبْرَاهِيمُ بْنُ الْحَسَنِ الْمِقْسَمِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا حَجَّاجُ بْنُ مُحَمَّدٍ، عَنْ عُمَرَ بْنِ ذَرٍّ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم سَجَدَ فِي ‏{‏ ص ‏}‏ وَقَالَ ‏ "‏ سَجَدَهَا دَاوُدُ تَوْبَةً وَنَسْجُدُهَا شُكْرًا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Ibn Abbas that:The Prophet (ﷺ) prostrated in Sad and said: "Dawud did this prostration in repentance and we do it in thanksgiving
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of the Commencement of the Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।