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सुनन नसाई

नंबर 954

नंबर 954किताब 11, नंबर 79
أَخْبَرَنِي مُحَمَّدُ بْنُ قُدَامَةَ، قَالَ حَدَّثَنَا جَرِيرٌ، عَنْ بَيَانٍ، عَنْ قَيْسٍ، عَنْ عُقْبَةَ بْنِ عَامِرٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏"‏ آيَاتٌ أُنْزِلَتْ عَلَىَّ اللَّيْلَةَ لَمْ يُرَ مِثْلُهُنَّ قَطُّ ‏{‏ قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ الْفَلَقِ ‏}‏ وَ ‏{‏ قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ النَّاسِ ‏}‏ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Uqbah bin Amr said:The Messenger of Allah (ﷺ) said: 'Some verses were revealed to me tonight, the likes of which have never been seen: "Say: I seek refuge with (Allah), the Lord of the daybreak." [Surat al-Falaq:1] and "Say: I seek refuge with (Allah) the Lord of mankind." [Surat an-Naas:]
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of the Commencement of the Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।