सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 952

नंबर 952किताब 11, नंबर 77
أَخْبَرَنَا مُوسَى بْنُ حِزَامٍ التِّرْمِذِيُّ، وَهَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، - وَاللَّفْظُ لَهُ - قَالاَ حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ، قَالَ أَخْبَرَنِي سُفْيَانُ، عَنْ مُعَاوِيَةَ بْنِ صَالِحٍ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ جُبَيْرِ بْنِ نُفَيْرٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عُقْبَةَ بْنِ عَامِرٍ، أَنَّهُ سَأَلَ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم عَنِ الْمُعَوِّذَتَيْنِ قَالَ عُقْبَةُ فَأَمَّنَا بِهِمَا رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِي صَلاَةِ الْفَجْرِ ‏.‏
It was narrated from Uqbah bin Amr that:He asked the Prophet (ﷺ) about Al-Mua'awwidhatain. Uqbah said: "The Messenger of Allah (ﷺ) led us in praying Fajr and recited them
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of the Commencement of the Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।