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सुनन नसाई

नंबर 917

नंबर 917किताब 11, नंबर 42
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ زُرَارَةَ، عَنْ عِمْرَانَ بْنِ حُصَيْنٍ، قَالَ صَلَّى النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم الظُّهْرَ فَقَرَأَ رَجُلٌ خَلْفَهُ ‏{‏ سَبِّحِ اسْمَ رَبِّكَ الأَعْلَى ‏}‏ فَلَمَّا صَلَّى قَالَ مَنْ قَرَأَ ‏{‏ سَبِّحِ اسْمَ رَبِّكَ الأَعْلَى ‏}‏ ‏.‏ قَالَ رَجُلٌ أَنَا ‏.‏ قَالَ ‏"‏ قَدْ عَلِمْتُ أَنَّ بَعْضَكُمْ قَدْ خَالَجَنِيهَا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Imran bin Hussain said:"The Prophet (ﷺ) prayed Zuhr and a man behind him recited: Glorify the Name of your Lord, the Most High. When he had finished praying, he said: 'Who recited: Glorify the Name of your Lord, the Most High?" A man said: 'I did.' He said: 'I realized that some of you were disputing with me over it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of the Commencement of the Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।