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सुनन नसाई

नंबर 907

नंबर 907किताब 11, नंबर 32
أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ أَبُو سَعِيدٍ الأَشَجُّ، قَالَ حَدَّثَنِي عُقْبَةُ بْنُ خَالِدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، وَابْنُ أَبِي عَرُوبَةَ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ صَلَّيْتُ خَلْفَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَأَبِي بَكْرٍ وَعُمَرَ وَعُثْمَانَ - رضى الله عنهم - فَلَمْ أَسْمَعْ أَحَدًا مِنْهُمْ يَجْهَرُ بِـ ‏{‏ بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَنِ الرَّحِيمِ ‏}‏ ‏.‏
It was narrated that Anas said:"I prayed behind the Messenger of Allah (ﷺ), Abu Bakr, Umar and Uthman, may Allah be pleased with them, and I did not hear any of them say out loud: In the Name of Allah, The Most Gracious, The Most Merciful
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad Sahih Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of the Commencement of the Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।