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सुनन नसाई

नंबर 892

नंबर 892किताब 11, नंबर 17
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى، عَنْ سُفْيَانَ بْنِ سَعِيدٍ الثَّوْرِيِّ، عَنْ مَيْسَرَةَ، عَنِ الْمِنْهَالِ بْنِ عَمْرٍو، عَنْ أَبِي عُبَيْدَةَ، أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ، رَأَى رَجُلاً يُصَلِّي قَدْ صَفَّ بَيْنَ قَدَمَيْهِ فَقَالَ خَالَفَ السُّنَّةَ وَلَوْ رَاوَحَ بَيْنَهُمَا كَانَ أَفْضَلَ ‏.‏
It was narrated from Abu Ubaidah that:Abdullah saw a man who was praying with his feet together. He said: "He is going against the Sunnah; if he shifted his weight from one to the other that would be better
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Daif IsnaadAbu Ghuddah
  • Daif IsnaadAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of the Commencement of the Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।