सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 887

नंबर 887किताब 11, नंबर 12
أَخْبَرَنَا سُوَيْدُ بْنُ نَصْرٍ، قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ، عَنْ مُوسَى بْنِ عُمَيْرٍ الْعَنْبَرِيِّ، وَقَيْسِ بْنِ سُلَيْمٍ الْعَنْبَرِيِّ، قَالاَ حَدَّثَنَا عَلْقَمَةُ بْنُ وَائِلٍ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم إِذَا كَانَ قَائِمًا فِي الصَّلاَةِ قَبَضَ بِيَمِينِهِ عَلَى شِمَالِهِ ‏.‏
It was narrated that Musa bin Umair Al-Anbari and Qais bin Sulaim Al-Anbari said:"Alqamah bin Wa'il told us that his father said: "I saw the Messenger of Allah (ﷺ), when he was standing in prayer, holding his left hand with his right
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAbu Ghuddah
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of the Commencement of the Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।