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सुनन नसाई

नंबर 881

नंबर 881किताब 11, नंबर 6
أَخْبَرَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ عُلَيَّةَ، عَنِ ابْنِ أَبِي عَرُوبَةَ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ نَصْرِ بْنِ عَاصِمٍ، عَنْ مَالِكِ بْنِ الْحُوَيْرِثِ، قَالَ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم حِينَ دَخَلَ فِي الصَّلاَةِ رَفَعَ يَدَيْهِ وَحِينَ رَكَعَ وَحِينَ رَفَعَ رَأْسَهُ مِنَ الرُّكُوعِ حَتَّى حَاذَتَا فُرُوعَ أُذُنَيْهِ ‏.‏
It was narrated from Malik bin Al-Huwairith said:"I saw the Messenger of Allah (ﷺ), when he started to pray, raise his hands, and when he bowed, and when he raised his head from bowing, until they were parallel with the top of his ears
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of the Commencement of the Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।