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सुनन नसाई

नंबर 1024

नंबर 1024किताब 11, नंबर 149
أَخْبَرَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ، قَالَ أَنْبَأَنَا إِسْمَاعِيلُ، عَنْ سَعِيدٍ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ نَصْرِ بْنِ عَاصِمٍ اللَّيْثِيِّ، عَنْ مَالِكِ بْنِ الْحُوَيْرِثِ، قَالَ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَرْفَعُ يَدَيْهِ إِذَا كَبَّرَ وَإِذَا رَكَعَ وَإِذَا رَفَعَ رَأْسَهُ مِنَ الرُّكُوعِ حَتَّى بَلَغَتَا فُرُوعَ أُذُنَيْهِ ‏.‏
It was narrated that Malik bin Al-Huwairith said:"I saw the Messenger of Allah (ﷺ) raise his hands until they reached the highest part of his ears, when he said the takbir, when he bowed and when he raised his head from bowing
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of the Commencement of the Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।