सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 1017

नंबर 1017किताब 11, नंबर 142
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ زُنْبُورٍ الْمَكِّيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي حَازِمٍ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِبْرَاهِيمَ، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّهُ سَمِعَ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ مَا أَذِنَ اللَّهُ لِشَىْءٍ مَا أَذِنَ لِنَبِيٍّ حَسَنِ الصَّوْتِ يَتَغَنَّى بِالْقُرْآنِ يَجْهَرُ بِهِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that:He heard the Messenger of Allah (ﷺ) say: "Allah never listens to anything as He listens to a Prophet with a beautiful voice chanting the Quran aloud
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of the Commencement of the Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।