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सुनन नसाई

नंबर 1013

नंबर 1013किताब 11, नंबर 138
أَخْبَرَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ الدَّوْرَقِيُّ، عَنْ وَكِيعٍ، قَالَ حَدَّثَنَا مِسْعَرٌ، عَنْ أَبِي الْعَلاَءِ، عَنْ يَحْيَى بْنِ جَعْدَةَ، عَنْ أُمِّ هَانِئٍ، قَالَتْ كُنْتُ أَسْمَعُ قِرَاءَةَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم وَأَنَا عَلَى عَرِيشِي ‏.‏
Umm Hani said:"I used to listen to the Prophet (ﷺ) reciting Quran when I was on my roof
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAbu Ghuddah
  • HasanAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of the Commencement of the Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।