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सुनन नसाई

नंबर 1010

नंबर 1010किताब 11, नंबर 135
أَخْبَرَنَا نُوحُ بْنُ حَبِيبٍ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ الْقَطَّانُ، قَالَ حَدَّثَنَا قُدَامَةُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ حَدَّثَتْنِي جَسْرَةُ بِنْتُ دَجَاجَةَ، قَالَتْ سَمِعْتُ أَبَا ذَرٍّ، يَقُولُ قَامَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم حَتَّى أَصْبَحَ بِآيَةٍ وَالآيَةُ ‏{‏ إِنْ تُعَذِّبْهُمْ فَإِنَّهُمْ عِبَادُكَ وَإِنْ تَغْفِرْ لَهُمْ فَإِنَّكَ أَنْتَ الْعَزِيزُ الْحَكِيمُ ‏}‏ ‏.‏
Jasrah bint Dijajah said:"I heard Abu Dharr say: 'The Prophet (ﷺ) stayed up all night repeating one verse. The verse was: 'If You punish them, they are Your slaves, and if You forgive them, verily, You, only You, are the All-Mighty, the All-Wise
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAbu Ghuddah
  • HasanAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of the Commencement of the Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।