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सुनन नसाई

नंबर 854

नंबर 854किताब 10, नंबर 78
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَبِي الْمَلِيحِ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ كُنَّا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِحُنَيْنٍ فَأَصَابَنَا مَطَرٌ فَنَادَى مُنَادِي رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَنْ صَلُّوا فِي رِحَالِكُمْ ‏.‏
It was narrated from Abu Al Malih that his father said:"We were with the Messenger of Allah (ﷺ) in Hunain and it rained. The caller of the Messenger of Allah (ﷺ) called out, telling us: 'Pray where you are
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book of Leading the Prayer (Al-Imamah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।