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सुनन नसाई

नंबर 829

नंबर 829किताब 10, नंबर 53
أَخْبَرَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ عُلَيَّةَ، قَالَ أَنْبَأَنَا شُعْبَةُ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، قَالَ سَمِعْتُ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ يَزِيدَ، يَخْطُبُ قَالَ حَدَّثَنَا الْبَرَاءُ، وَكَانَ، غَيْرَ كَذُوبٍ أَنَّهُمْ كَانُوا إِذَا صَلَّوْا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَرَفَعَ رَأْسَهُ مِنَ الرُّكُوعِ قَامُوا قِيَامًا حَتَّى يَرَوْهُ سَاجِدًا ثُمَّ سَجَدُوا ‏.‏
It was narrated that Abu Ishaq said:"I heard 'Abdullah bin Yazid delivering a Khutbah. He said: 'Al-Bara, who was no liar,told us that when they prayed with the Messenger of Allah (ﷺ) would raise his head from bowing and they would remain standing until they saw him prostrate, then they would prostrate
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book of Leading the Prayer (Al-Imamah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।