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सुनन नसाई

नंबर 821

नंबर 821किताब 10, नंबर 45
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ مَنْصُورٍ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو نُعَيْمٍ، عَنْ سُفْيَانَ، عَنْ يَحْيَى بْنِ هَانِئٍ، عَنْ عَبْدِ الْحَمِيدِ بْنِ مَحْمُودٍ، قَالَ كُنَّا مَعَ أَنَسٍ فَصَلَّيْنَا مَعَ أَمِيرٍ مِنَ الأُمَرَاءِ فَدَفَعُونَا حَتَّى قُمْنَا وَصَلَّيْنَا بَيْنَ السَّارِيَتَيْنِ فَجَعَلَ أَنَسٌ يَتَأَخَّرُ وَقَالَ قَدْ كُنَّا نَتَّقِي هَذَا عَلَى عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
It was narrated that 'Abdul Hamid bin Mahmud said:"We were with Anas and we prayed with one of the Amirs. They pushed us until we stood and prayed between two rows, and Anas started moving backward and said: 'We used to avoid this at the time of the Messenger of Allah (ﷺ)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book of Leading the Prayer (Al-Imamah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।