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सुनन नसाई

नंबर 818

नंबर 818किताब 10, नंबर 42
أَخْبَرَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ مَسْعُودٍ، عَنْ خَالِدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا سَعِيدٌ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ أَتِمُّوا الصَّفَّ الأَوَّلَ ثُمَّ الَّذِي يَلِيهِ وَإِنْ كَانَ نَقْصٌ فَلْيَكُنْ فِي الصَّفِّ الْمُؤَخَّرِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Anas that the Messenger of Allah (ﷺ) said:"Complete the first row, then the one behind it, and if any row is to be left incomplete let it be the last row
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book of Leading the Prayer (Al-Imamah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।