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सुनन नसाई

नंबर 798

नंबर 798किताब 10, नंबर 22
أَخْبَرَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ فَضَالَةَ بْنِ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى، - يَعْنِي ابْنَ يَحْيَى - قَالَ حَدَّثَنَا حُمَيْدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ حُمَيْدٍ الرُّؤَاسِيُّ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، عَنْ جَابِرٍ، قَالَ صَلَّى بِنَا رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم الظُّهْرَ وَأَبُو بَكْرٍ خَلْفَهُ فَإِذَا كَبَّرَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَبَّرَ أَبُو بَكْرٍ يُسْمِعُنَا ‏.‏
It was narrated that Jabir said:"The Messenger of Allah (ﷺ) led us in Zuhr prayer and Abu Bakr was behind him. When the Messenger of Allah (ﷺ) said the Takbir, Abu Bakr said the Takbir so that the people could hear
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book of Leading the Prayer (Al-Imamah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।