सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 781

नंबर 781किताब 10, नंबर 5
أَخْبَرَنَا حَاجِبُ بْنُ سُلَيْمَانَ الْمَنْبِجِيُّ، عَنْ وَكِيعٍ، عَنْ سُفْيَانَ، عَنْ خَالِدٍ الْحَذَّاءِ، عَنْ أَبِي قِلاَبَةَ، عَنْ مَالِكِ بْنِ الْحُوَيْرِثِ، قَالَ أَتَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَنَا وَابْنُ عَمٍّ لِي - وَقَالَ مَرَّةً أَنَا وَصَاحِبٌ لِي - فَقَالَ ‏ "‏ إِذَا سَافَرْتُمَا فَأَذِّنَا وَأَقِيمَا وَلْيَؤُمَّكُمَا أَكْبَرُكُمَا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Malik bin Al-Huwairith said:"I came to the Messenger of Allah (ﷺ) with a cousin of mine" - once he said, "with a friend of mine" - and he said: 'When you travel, call the Adhan and Iqamah, and let the older of you lead the prayer
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book of Leading the Prayer (Al-Imamah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।