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सुनन नसाई

नंबर 55

नंबर 55किताब 1, नंबर 55
أَخْبَرَنَا سُوَيْدُ بْنُ نَصْرٍ، قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ، عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ، قَالَ سَمِعْتُ أَنَسًا، يَقُولُ جَاءَ أَعْرَابِيٌّ إِلَى الْمَسْجِدِ فَبَالَ فَصَاحَ بِهِ النَّاسُ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ اتْرُكُوهُ ‏"‏ ‏.‏ فَتَرَكُوهُ حَتَّى بَالَ ثُمَّ أَمَرَ بِدَلْوٍ فَصُبَّ عَلَيْهِ ‏.‏
Anas said:"A Bedouin came to the Masjid and urinated, and the people yelled at him, but the Messenger of Allah (ﷺ) said: 'Leave him alone.' So they left him alone. When he had finished urinating, he ordered that a bucket (be brought) and poured over it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।