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सुनन नसाई

नंबर 296

नंबर 296किताब 1, नंबर 297
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، عَنْ أَبِي هَاشِمٍ، عَنْ أَبِي مِجْلَزٍ، عَنِ الْحَارِثِ بْنِ نَوْفَلٍ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ كُنْتُ أَفْرُكُ الْجَنَابَةَ - وَقَالَتْ مَرَّةً أُخْرَى الْمَنِيَّ - مِنْ ثَوْبِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
It was narrated that 'Aishah said:"I used to scrape the Janabah." On another occasion she said: "The semen from the garment of the Messenger of Allah (ﷺ)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAbu Ghuddah
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।