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सुनन नसाई

नंबर 280

नंबर 280किताब 1, नंबर 281
أَخْبَرَنَا أَيُّوبُ بْنُ مُحَمَّدٍ الْوَزَّانُ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ جَعْفَرٍ، قَالَ حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ عَمْرٍو، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنِ الْمِقْدَامِ بْنِ شُرَيْحٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَائِشَةَ، - رضى الله عنها - قَالَتْ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَضَعُ فَاهُ عَلَى الْمَوْضِعِ الَّذِي أَشْرَبُ مِنْهُ فَيَشْرَبُ مِنْ فَضْلِ سُؤْرِي وَأَنَا حَائِضٌ ‏.‏
It was narrated that 'Aishah said:"The Messenger of Allah (ﷺ) used to put his mouth on the place where I had drunk from, and he would drink from what was leftover by me, while I was menstruating
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।