أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سَلَمَةَ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ الْحَارِثِ، وَذَكَرَ، آخَرُ عَنْ أَبِي الأَسْوَدِ، عَنْ عُرْوَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، - رضى الله عنها - قَالَتْ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يُخْرِجُ إِلَىَّ رَأْسَهُ مِنَ الْمَسْجِدِ وَهُوَ مُجَاوِرٌ فَأَغْسِلُهُ وَأَنَا حَائِضٌ .
It was narrated that 'Aishah said:"The Prophet (ﷺ) would put his head out for me while he was performing I'tikaf [1] and I would wash it, when I was menstruating." [1] Mujawir ("next door") here means while performing I'tikaf
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAbu Ghuddah
SahihAl-Albani
Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।