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सुनन नसाई

नंबर 268

नंबर 268किताब 1, नंबर 269
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ مَنْصُورٍ، قَالَ أَخْبَرَنَا يَحْيَى، قَالَ حَدَّثَنَا مِسْعَرٌ، قَالَ حَدَّثَنِي وَاصِلٌ، عَنْ أَبِي وَائِلٍ، عَنْ حُذَيْفَةَ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله ع��يه وسلم لَقِيَهُ وَهُوَ جُنُبٌ ‏.‏ فَأَهْوَى إِلَىَّ فَقُلْتُ إِنِّي جُنُبٌ فَقَالَ ‏ "‏ إِنَّ الْمُسْلِمَ لاَ يَنْجُسُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Huthaifah that the Prophet (ﷺ) met him when he was Junub:"And he came close to me and reached out his hand. I said: 'I am Junub.' He said: 'The Muslim is not made impure (Najis)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।