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सुनन नसाई

नंबर 266

नंबर 266किताब 1, नंबर 267
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ أَحْمَدَ أَبُو يُوسُفَ الصَّيْدَلاَنِيُّ الرَّقِّيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا عِيسَى بْنُ يُونُسَ، قَالَ حَدَّثَنَا الأَعْمَشُ، عَنْ عَمْرِو بْنِ مُرَّةَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ سَلِمَةَ، عَنْ عَلِيٍّ، قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقْرَأُ الْقُرْآنَ عَلَى كُلِّ حَالٍ لَيْسَ الْجَنَابَةَ ‏.‏
It was narrated that 'Ali said:"The Messenger of Allah (ﷺ) used to recite Qur'an in all circumstances except when he was Junub
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAbu Ghuddah
  • DaifAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।