أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ، قَالَ أَنْبَأَنَا يَحْيَى، قَالَ أَنْبَأَنَا هِشَامُ بْنُ عُرْوَةَ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبِي قَالَ، حَدَّثَتْنِي عَائِشَةُ، - رضى الله عنها - عَنْ غُسْلِ النَّبِيِّ، صلى الله عليه وسلم مِنَ الْجَنَابَةِ أَنَّهُ كَانَ يَغْسِلُ يَدَيْهِ وَيَتَوَضَّأُ وَيُخَلِّلُ رَأْسَهُ حَتَّى يَصِلَ إِلَى شَعْرِهِ ثُمَّ يُفْرِغُ عَلَى سَائِرِ جَسَدِهِ .
Aishah narrated concerning the Ghusl of the Prophet (ﷺ) from Janabah, that he used to wash his hands and perform Wudu', then he would run (his fingers) through his (hair on his) head so that it reaches all of his hair, then he would pour water over his entire body
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAbu Ghuddah
SahihAl-Albani
Isnaad SahihZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।