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सुनन नसाई

नंबर 239

नंबर 239किताब 1, नंबर 240
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، عَنْ مُحَمَّدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ عَاصِمٍ، ح وَأَخْبَرَنَا سُوَيْدُ بْنُ نَصْرٍ، أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ، عَنْ عَاصِمٍ، عَنْ مُعَاذَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، - رضى الله عنها - قَالَتْ كُنْتُ أَغْتَسِلُ أَنَا وَرَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم مِنْ إِنَاءٍ وَاحِدٍ يُبَادِرُنِي وَأُبَادِرُهُ حَتَّى يَقُولَ ‏ "‏ دَعِي لِي ‏"‏ ‏.‏ وَأَقُولُ أَنَا دَعْ لِي ‏.‏ قَالَ سُوَيْدٌ يُبَادِرُنِي وَأُبَادِرُهُ فَأَقُولُ دَعْ لِي دَعْ لِي ‏.‏
It was narrated that 'Aishah said:"I used to perform Ghusl - the Messenger of Allah (ﷺ) and I - from one vessel. He would compete with me and I would with him until he would say: 'Leave me some' and I would say: 'Leave me some
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।