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सुनन नसाई

नंबर 224

नंबर 224किताब 1, नंबर 225
أَخْبَرَنَا مُجَاهِدُ بْنُ مُوسَى، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنِي يَحْيَى بْنُ الْوَلِيدِ، قَالَ حَدَّثَنِي مُحِلُّ بْنُ خَلِيفَةَ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو السَّمْحِ، قَالَ كُنْتُ أَخْدُمُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَكَانَ إِذَا أَرَادَ أَنْ يَغْتَسِلَ قَالَ ‏ "‏ وَلِّنِي قَفَاكَ ‏"‏ ‏.‏ فَأُوَلِّيهِ قَفَاىَ فَأَسْتُرُهُ بِهِ ‏.‏
Abu As-Samh said:"I used to serve the Messenger of Allah (ﷺ) and when he wanted to perform Ghusl he said: 'Turn your back.' So I turned my back to him and concealed him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।