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सुनन नसाई

नंबर 22

नंबर 22किताब 1, नंबर 22
أَخْبَرَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ أَنْبَأَنَا غُنْدَرٌ، قَالَ أَنْبَأَنَا مَعْمَرٌ، قَالَ أَنْبَأَنَا ابْنُ شِهَابٍ، عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَزِيدَ، عَنْ أَبِي أَيُّوبَ الأَنْصَارِيِّ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِذَا أَتَى أَحَدُكُمُ الْغَائِطَ فَلاَ يَسْتَقْبِلِ الْقِبْلَةَ وَلَكِنْ لِيُشَرِّقْ أَوْ لِيُغَرِّبْ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Ayyub Al-Ansari said:"The Messenger of Allah (ﷺ) said: 'When any one of you goes to defecate, let him not face toward the Qiblah, rather let him face towards the east or the west
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।