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सुनन नसाई

नंबर 206

नंबर 206किताब 1, नंबर 207
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ عُرْوَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتِ اسْتَفْتَتْ أُمُّ حَبِيبَةَ بِنْتُ جَحْشٍ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَقَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنِّي أُسْتَحَاضُ ‏.‏ فَقَالَ ‏ "‏ إِنَّمَا ذَلِكِ عِرْقٌ فَاغْتَسِلِي وَصَلِّي ‏"‏ ‏.‏ فَكَانَتْ تَغْتَسِلُ لِكُلِّ صَلاَةٍ ‏.‏
It was narrated that 'Aishah said:"Umm Habibah bint Jahsh consulted the Messenger of Allah (ﷺ) and said: 'O Messenger of Allah, I suffer from Istihadah (non-menstrual vaginal bleeding).' He said: 'That is a vein, so perform Ghusl and pray.' And she used to perform Ghusl for every prayer
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।