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सुनन नसाई

नंबर 199

नंबर 199किताब 1, नंबर 200
أَخْبَرَنَا عَبْدُ الْجَبَّارِ بْنُ الْعَلاَءِ، عَنْ سُفْيَانَ، عَنْ عَمْرٍو، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ السَّائِبِ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ سُعَادٍ، عَنْ أَبِي أَيُّوبَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ الْمَاءُ مِنَ الْمَاءِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Ayyub that the Prophet (ﷺ) said:"Water is for Water." [1] [1] That is, water for peforming Ghusl is obligatory when the ejaculation of water (semen) occurs
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।