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सुनन नसाई

नंबर 187

नंबर 187किताब 1, नंबर 188
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ، عَنْ عُقَيْلٍ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم شَرِبَ لَبَنًا ثُمَّ دَعَا بِمَاءٍ فَتَمَضْمَضَ ثُمَّ قَالَ ‏ "‏ إِنَّ لَهُ دَسَمًا ‏"‏ ‏.‏
The Apostle (ﷺ) took milk and then called for water and rinsed (his mouth) and said:It contains greasiness
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।