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सुनन नसाई

नंबर 179

नंबर 179किताब 1, नंबर 180
أَخْبَرَنَا هِشَامُ بْنُ عَبْدِ الْمَلِكِ، قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدٌ، قَالَ حَدَّثَنَا الزُّبَيْدِيُّ، قَالَ أَخْبَرَنِي الزُّهْرِيُّ، أَنَّ عَبْدَ الْمَلِكِ بْنَ أَبِي بَكْرٍ، أَخْبَرَهُ أَنَّ خَارِجَةَ بْنَ زَيْدِ بْنِ ثَابِتٍ أَخْبَرَهُ أَنَّ زَيْدَ بْنَ ثَابِتٍ قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ تَوَضَّئُوا مِمَّا مَسَّتِ النَّارُ ‏"‏ ‏.‏
Zaid bin Thabit said:"I heard the Messenger of Allah (ﷺ) say: 'Perform Wudu' from that which has been touched by fire
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।