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सुनन नसाई

नंबर 176

नंबर 176किताब 1, नंबर 177
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ، وَمُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، قَالاَ أَنْبَأَنَا ابْنُ أَبِي عَدِيٍّ، عَنْ شُعْبَةَ، عَنْ عَمْرِو بْنِ دِينَارٍ، عَنْ يَحْيَى بْنِ جَعْدَةَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو، - قَالَ مُحَمَّدٌ الْقَارِيُّ - عَنْ أَبِي أَيُّوبَ، قَالَ قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ تَوَضَّئُوا مِمَّا غَيَّرَتِ النَّارُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Ayyub said:"The Messenger of Allah (ﷺ) said: 'Perform Wudu' from that which has been altered by fire
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAbu Ghuddah
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।