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सुनन नसाई

नंबर 166

नंबर 166किताब 1, नंबर 167
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ الْحَكَمِ، عَنْ شُعَيْبٍ، عَنِ اللَّيْثِ، قَالَ أَنْبَأَنَا ابْنُ الْهَادِ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الْقَاسِمِ، عَنِ الْقَاسِمِ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ إِنْ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم لَيُصَلِّي وَإِنِّي لَمُعْتَرِضَةٌ بَيْنَ يَدَيْهِ اعْتِرَاضَ الْجَنَازَةِ حَتَّى إِذَا أَرَادَ أَنْ يُوتِرَ مَسَّنِي بِرِجْلِهِ ‏.‏
It was narrated that 'Aishah said:"The Messenger of Allah (ﷺ) used to pray when I was lying in front of him as the bier is placed (in front of the Imam), and when he wanted to pray Witr he would nudge me with his foot
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।