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सुनन नसाई

नंबर 154

नंबर 154किताब 1, नंबर 155
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ عَمْرٍو، عَنْ عَطَاءٍ، عَنْ عَائِشِ بْنِ أَنَسٍ، أَنَّ عَلِيًّا، قَالَ كُنْتُ رَجُلاً مَذَّاءً فَأَمَرْتُ عَمَّارَ بْنَ يَاسِرٍ يَسْأَلُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم مِنْ أَجْلِ ابْنَتِهِ عِنْدِي فَقَالَ ‏ "‏ يَكْفِي مِنْ ذَلِكَ الْوُضُوءُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'A'ish bin Anas that 'Ali said:"I was a man who had a lot of prostatic discharge, so I told 'Ammar bin Yasir to ask the Messenger of Allah (ﷺ) (about it) because his daughter was married to me. He said: 'Wudu' is sufficient for that
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • MunkarAbu Ghuddah
  • MunkarAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।