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सुनन नसाई

नंबर 136

नंबर 136किताब 1, नंबर 137
أَخْبَرَنَا أَبُو دَاوُدَ، سُلَيْمَانُ بْنُ سَيْفٍ قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو عَتَّابٍ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، عَنْ أَبِي حَيَّةَ، قَالَ رَأَيْتُ عَلِيًّا - رضى الله عنه - تَوَضَّأَ ثَلاَثًا ثَلاَثًا ثُمَّ قَامَ فَشَرِبَ فَضْلَ وَضُوئِهِ وَقَالَ صَنَعَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَمَا صَنَعْتُ ‏.‏
It was narrated that Abu Hayyah said:"I saw 'Ali performing Wudu', washing each part thrice. Then he stood up and drank the water that was left over from his Wudu' and said: 'The Messenger of Allah (ﷺ) did as I have done
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।