सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 122

नंबर 122किताब 1, नंबर 122
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، - وَهُوَ ابْنُ جَعْفَرٍ - عَنْ مُوسَى بْنِ عُقْبَةَ، عَنْ أَبِي النَّضْرِ، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ، عَنْ سَعْدِ بْنِ أَبِي وَقَّاصٍ، عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِي الْمَسْحِ عَلَى الْخُفَّيْنِ أَنَّهُ لاَ بَأْسَ بِهِ ‏.‏
It was narrated from Sa'd bin Abi Waqqas, from the Messenger of Allah (ﷺ), with regard to wiping over the Khuffs; "There is nothing wrong with it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAbu Ghuddah
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।